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Post Office Schemes:ये शानदार पोस्ट ऑफिस की स्कीम्स, मोटा रिटर्न के साथ देंगी टैक्स बेनिफिट्स

12:32 PM Mar 27, 2025 | zoomnews.in

Post Office Schemes: मार्च का महीना अब 3-4 दिन में खत्म होने वाला है। ऐसे में इनकम टैक्स की प्लानिंग के लिए आपके पास बस कुछ ही दिनों का समय बचा है। 31 मार्च के बाद आपको यह मौका नहीं मिलेगा क्योंकि 1 अप्रैल से नया फाइनेंशियल ईयर शुरू होने जा रहा है। इसलिए, आज हम आपको ऐसी स्कीम्स के बारे में बताएंगे जो न केवल शानदार रिटर्न देती हैं बल्कि टैक्स बचाने में भी आपकी मदद कर सकती हैं।

1. पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF)

पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) निवेश के लिए एक लोकप्रिय स्कीम है। यह स्कीम 15 साल बाद मैच्योर होती है और इसमें आपको 7.1 प्रतिशत की दर से ब्याज मिलता है। इस स्कीम में आप एक वित्तीय वर्ष में न्यूनतम 500 रुपए और अधिकतम 1.5 लाख रुपए तक जमा कर सकते हैं।

टैक्स बेनिफिट:

  • यह स्कीम EEE (Exempt-Exempt-Exempt) कैटेगरी में आती है।

  • इसमें निवेश, मैच्योरिटी अमाउंट और अर्जित ब्याज पर टैक्स छूट मिलती है।

2. सुकन्या समृद्धि योजना (SSY)

यदि आपकी बेटी की उम्र 10 साल से कम है, तो आप उसके नाम से सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश कर सकते हैं। यह योजना बेटियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए बनाई गई है और इस पर 8.2 प्रतिशत तक ब्याज मिलता है। इसमें आप सालाना न्यूनतम 250 रुपए और अधिकतम 1.5 लाख रुपए तक निवेश कर सकते हैं।

टैक्स बेनिफिट:

  • इस योजना में निवेश, अर्जित ब्याज और मैच्योरिटी अमाउंट तीनों पर टैक्स छूट मिलती है।

  • 80C के तहत 1.5 लाख रुपए तक की छूट का लाभ लिया जा सकता है।

3. पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट (Post Office TD)

पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट को पोस्ट ऑफिस एफडी भी कहा जाता है। यह निवेश का एक सुरक्षित विकल्प है, खासकर उन लोगों के लिए जो टैक्स बचाने के साथ-साथ गारंटीड रिटर्न चाहते हैं।

टैक्स बेनिफिट:

  • 5 साल की एफडी पर 7.5 प्रतिशत तक का ब्याज मिलता है।

  • 5 साल की अवधि वाली एफडी पर धारा 80C के तहत 1.5 लाख रुपए तक की कटौती का दावा किया जा सकता है।

4. सीनियर सिटीजंस सेविंग्स स्कीम (SCSS)

यह योजना विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों के लिए बनाई गई है। इसमें 5 साल के लिए निवेश किया जा सकता है और यह 8.2 प्रतिशत तक का ब्याज देती है।

टैक्स बेनिफिट:

  • इस योजना में न्यूनतम निवेश 1,000 रुपए और अधिकतम 30 लाख रुपए तक किया जा सकता है।

  • 80C के तहत 1.5 लाख रुपए तक की टैक्स छूट उपलब्ध है।