Central Government: हिट एंड रन मामले में नए कानून को लेकर सरकार और ट्रांसपोर्टरों के बीच सुलह हो गई है. सरकार ने ट्रक ड्राइवरों से हड़ताल वापस लेने को कहा. बुधवार को केंद्रीय गृह सचिव की अध्यक्षता में एक बैठक हुई. सरकार और ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के बीच हुई इस बैठक में फैसला किया गया कि हिंट एंड रन में बदला गया कानून अभी लागू नहीं होगा. सरकार ने कहा कि कानून से पहले ट्रांसपोर्ट कांग्रेस से बात की जाएगी. इसके बाद ही इस पर फैसला किया जाएगा.
वहीं, ट्रांसपोर्ट कांग्रेस ने सभी ट्रक ड्राइवरों से काम पर लौटने को कहा. बैठक में ये भी बताया गया है कि अभी 10 साल की सजा और जुर्माना लागू नहीं होगा. सरकार ने कहा भारतीय न्याय संहिता की धारा 106 (2) को लागू करने से पहले ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस से विचार विमर्श करने के बाद ही निर्णय लिया जाएगा. हम ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस और सभी ट्क ड्राइवरों से अपील करते हैं वे सभी अपने अपने काम पर लौट जाएं.
नए कानून को लेकर कई राज्यों में चक्काजाम
बता दें कि हिट एंड रन मामले में नए कानून को लेकर उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब, मध्य प्रदेश और हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर सहित कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन हुआ. कई राज्यों में चक्काजाम और भारी विरोध प्रदर्शन देखने को मिला. दो-तीन दिन के इस हड़ताल के दौरान कई चीजों की आपूर्ति ठप हो गई. पेट्रोल पंपों पर भारी संख्या में भीड़ इकट्ठा होने लगी. पेट्रोल लेने के लिए बड़ी संख्या में लोग खड़े गए थे. नए कानून में 10 लाख जुर्माना, 7 साल की सजा का प्रावधान था. ट्रक ड्राइवरों का कहना है कि ये कानून गलत है और सरकार को इसे वापस लेना चाहिए.
क्या है हिट एंड रन कानून?
आईपीसी में हिट एंड रन मामलों में मौत होने पर दो साल जेल और जुर्माने का प्रावधान है. भारतीय न्याय संहिता में सजा को बढ़ाकर 10 साल और जुर्माने का प्रावधान कर दिया गया है. इस कानून के चलते एक्सीडेंट होने पर 10 साल की सजा और 7 लाख जुर्माना होगा. हिट एंड रन का मतलब है तेज और लापरवाही से गाड़ी चलाने के चलते किसी व्यक्ति या संपत्ति को नुकसान पहुंचाना और फिर भाग जाना. यह कानून बनने के बाद ऐसा नहीं हो सकेगा.
किसने क्या कहा?
कांग्रेस की सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि देश के कोने कोने तक ज़रूरत का सामान पहुंचाने वाले मेहनती ट्रक ड्राइवर नए हिट एंड रन कानून के खिलाफ हड़ताल पर हैं. इस कानून के चलते उन्हें एक्सीडेंट होने पर 10 साल की सजा और 7 लाख जुर्माना होगा. उन्होंने कहा कि ज्यादातर ट्रक चालक गरीब होते हैं, कोई अपनी मर्जी से एक्सीडेंट नहीं करता, कई बार गलती किसी और की भी हो सकती है. इस कानून से वो सब परेशान हैं. यह कानून 150 सांसदों के निलंबन के बाद जबरन बना.
सरकार को झुकना पड़ा- इमरान प्रतापगढ़ी
कांग्रेस नेता इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि जब एकजुट होकर आवाज उठाई जाए तो सरकार को झुकना पड़ता है. हिट एंड रन के नए कानून पर ड्राइवर्स के आंदोलन का असर ये हुआ कि सरकार को झुकना पड़ा. बधाई हो ड्राइवर साथियों हम आपके साथ हैं.
जब एकजुट होकर आवाज़ उठाई जाये तो सरकार को झुकना पड़ता है, हिट एंड रन के नये क़ानून पर ड्राइवर्स के ऑंदोलन का असर ये हुआ कि सरकार को झुकना पड़ा।
— Imran Pratapgarhi (@ShayarImran) January 2, 2024
बधाई हो ड्राइवर साथियों……हम आपके साथ हैं। pic.twitter.com/WWk9URoJV2
नया कानून यात्रियों की मदद के लिए है- वीके सिंह
हिट एंड रन मामलों पर नए कानून के खिलाफ ट्रक ड्राइवरों के विरोध पर केंद्रीय मंत्री जनरल वीके सिंह ने कहा कि यात्रियों को परेशानी नहीं होनी चाहिए. नया कानून यात्रियों की मदद के लिए है. पहले ड्राइवर भाग जाता था, अब एक नया कानून बना जिसमें ड्राइवर सजग रहे.